भगवान गणेश हिंदू धर्म के प्रमुख और सबसे लोकप्रिय देवताओं में से एक हैं। हिंदू शास्त्रों के अनुसार, भगवान गणेश की पूजा बाधाओं को समाप्त कर सकती है और भगवान गणेश के आशीर्वाद से हमारे जीवन में सफलता, खुशी और समृद्धि आती है। सुबह और शाम की पूजा में भगवान गणेश जी की आरती गाने से मन प्रसन्न रहता है। भगवान गणेश आपकी सभी इच्छाओं को पूरा करते है और दुखों को दूर करते है। “जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा माता जाकी पार्वती पिता महादेवा” आरती गणेश जी की सबसे लोकप्रिय आरती है जिसे भक्तों द्वारा भगवान गणेश का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए गायी जाता है। आध्यात्मिक ज्ञान वृद्धि और अलौकिक शक्तियो का आह्वान करने के लिए भक्त भगवान गणेश की पूजा और अनुष्ठान में शक्तिशाली गणेश मंत्रों का जाप करते हैं। ऐसा माना जाता है कि गणेश चतुर्थी और गणेश जी से जुड़े विशेष उत्सवों में जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा आरती गाने वाले भक्तो से भगवान गणेश बहुत प्रसन्न होते है। भगवान गणेश की पूजा आरती में गणेश जी के मंत्रों का जाप करने से आध्यात्मिक शक्ति का आभास होता है। गणेश जी की प्रसन्न करने के लिए शुभ मुहूर्त में आप गणेश चालीसा का पाठ और गणेश स्त्रोतम का जाप भी कर सकते है।
जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा आरती के बोल हिंदी और अंग्रेजी में। बुधवार और गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश की पूजा करने के लिए इस आरती का विशेष महत्व है।
जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥ x2
एकदन्त दयावन्त चारभुजाधारी
माथे पर तिलक सोहे मूसे की सवारी। x2
(माथे पर सिन्दूर सोहे, मूसे की सवारी)
पान चढ़े फूल चढ़े और चढ़े मेवा
(हार चढ़े, फूल चढ़े और चढ़े मेवा)
लड्डुअन का भोग लगे सन्त करें सेवा॥ x2
जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
अँधे को आँख देत कोढ़िन को काया
बाँझन को पुत्र देत निर्धन को माया। x2
'सूर' श्याम शरण आए सफल कीजे सेवा
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥ x2
(दीनन की लाज राखो, शम्भु सुतवारी )
(कामना को पूर्ण करो, जग बलिहारी॥)
जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा।
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