पूर्णिमा व गुरू पूर्णिमा हिन्दू कैलेंडर के अनुसार पूरा चन्द्रमा दिखाई देने वाला दिन पूर्णिमा कहलाता है। हिन्दू कैलेंडर में इसी दिन पूर्णिमांता महीना खत्म होता है। पूर्णिमा बहुतायत एवं समृद्वि का प्रतीक है। चन्द्रमा की स्थिति के हिसाब से इसे पौर्णिमी, पुरणमासी एवं पूर्णिमा भी कहा जाता है।
हिन्दू महीने मार्गशीर्ष के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को मार्गशीर्ष पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है। बत्तीसी पूर्णिमा या कोरला पूर्णिमा इसके दूसरे नाम हैं जिन्हें अक्सर मार्गशीर्ष पूर्णिमा के लिए जाना जाता है। जैसा कि प्राचीन हिंदू शास्त्रों में वर्णित है, मार्गशीर्ष पूनम का महीना धार्मिक कार्यों, पूजा और दान के महीने के रूप में जाना जाता है।
पूर्णिमा तिथि | दिनांक | तिथि का समय | व्रत का नाम |
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पूर्णिमा दिसम्बर 2024 | 15 दिसम्बर (रविवार) | समय देखें | दत्तात्रेय जयंती, मार्गशीर्ष पूर्णिमा |
पूर्णिमा तिथि | दिनांक | तिथि का समय | व्रत का नाम |
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पूर्णिमा जनवरी 2024 | 25 जनवरी (गुरुवार) | समय देखें | पौष पूर्णिमा, शाकम्भरी पूर्णिमा |
पूर्णिमा फरवरी 2024 | 24 फरवरी (शनिवार) | समय देखें | मघा पूर्णिमा, गुरु रविदास जयंती |
पूर्णिमा मार्च 2024 | 25 मार्च (सोमवार) | समय देखें | छोटी होली, होलिका दहन, फाल्गुन पूर्णिमा, वसंता पूर्णिमा |
पूर्णिमा अप्रैल 2024 | 23 अप्रैल (मंगलवार) | समय देखें | चैत्र पूर्णिमा, हनुमान जयंती |
पूर्णिमा मई 2024 | 23 मई (गुरुवार) | समय देखें | बुद्धा पूर्णिमा, कुर्मा जयंती, वैशाख पूर्णिमा |
पूर्णिमा जून 2024 | 22 जून (शनिवार) | समय देखें | ज्येष्ठा पूर्णिमा, वट पूर्णिमा व्रत |
पूर्णिमा जुलाई 2024 | 21 जुलाई (रविवार) | समय देखें | अषाढ़ा पूर्णिमा, गुरु पूर्णिमा, व्यास पूजा |
पूर्णिमा अगस्त 2024 | 19 अगस्त (सोमवार) | समय देखें | राखी, रक्षा बंधन, श्रवण पूर्णिमा |
पूर्णिमा सितम्बर 2024 | 18 सितम्बर (बुधवार) | समय देखें | भाद्रपदा पूर्णिमा, पूर्णिमा श्रद्धा, पितृपक्ष शुरू |
पूर्णिमा अक्तूबर 2024 | 17 अक्तूबर (गुरुवार) | समय देखें | आश्विन पूर्णिमा, कोजगरा पूजा, शरद पूर्णिमा |
पूर्णिमा नवम्बर 2024 | 15 नवम्बर (शुक्रवार) | समय देखें | कार्तिका पूर्णिमा |
पूर्णिमा दिसम्बर 2024 | 15 दिसम्बर (रविवार) | समय देखें | दत्तात्रेय जयंती, मार्गशीर्ष पूर्णिमा |
पौष पूर्णिमा हिन्दू कैलेंडर में महत्वपूर्ण दिन है। अंग्रेजी कैलेंडर के हिसाब से यह दिसंबर-जनवरी के महीने में आती है। इस दिन श्रद्वालू प्रयाग संगम (यमुना, गंगा, सरस्वती) पर डुबकी लगाते हैं। और ऐसी मान्यता है कि ऐसा करने से व्यक्ति अपने सभी पापों से मुक्ति पाकर मोक्ष को प्राप्त कर लेता है।
माघी पूर्णिमा जिसे माघ पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। यह माघ महीने के पूरे चन्द्रमा के दिन होती है। इस समय के दौरान शुभ कुंभ मेला बारह वर्ष के बाद आयोजित किया जाता है।
होली हिन्दी महीने फाल्गुन में आती है जो कि वसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक है। इसे रंगों को त्यौहार भी कहा जाता है एवं इसे दो दिन तक मनाया जाता है। यह त्यौहार भारत एवं नेपाल के ज्यादातर हिस्सों में मनाया जाता है। होलिका दहन रंगवाली होली से पहली रात को किया जाता है।
हनुमान जयंती चैत्र महीने में आने वाली पूर्णिमा के दिन मनाई जाती है। इस दिन को (हनुमान जी जो कि वानरों के भगवान एवं श्रीराम भक्त हैं) के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है।
वैशाख महीने की पूर्णिमा को भगवान गौतम बुद्व के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है जिनका बचपन का नाम सिद्वार्थ गौतम था । जो कि एक आध्यात्मिक गुरू थे जिन्होनें बौद्व धर्म की स्थापना की । यह पूरे भारत सहित नेपाल एवं कुछ दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों में भी मनाया जाता है।
यह एक बहुत ही शुभ हिन्दू तिथि है इसे ज्येष्ठ पूर्णिमा भी कहा जाता है। इसे ज्येष्ठ महीने के पूरा चन्द्रमा दिखाई देने वाले दिन मनाया जाता है। यह व्रत मुख्य रूप से विवाहित महिलाओं द्वारा अपने पति की लम्बी उम्र एवं सुखी विवाहित जीवन की कामना के लिए किया जाता है।
यह पूर्णिमा गुरूओं को समर्पित है। इस दिन रथ यात्रा का आयोजन किया जाता है।
रक्षाबंधन श्रावण महीने में मनाई जाती है। रक्षाबंधन का त्यौहार मुख्य रूप से अपने भाई के लिए बहन के प्यार एवं स्नेह को दर्शाता है।
मधु पूर्णिमा हिन्दू महीने भाद्रपद में मुख्य रूप से बांग्लादेश के चटगांव एवं थाईलैंड के सोम लोगों द्वारा मनाया जाता है।